मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ सीटू की अगुवाई में हड़ताल का आयोजन किया गया। इस दौरान तहसील चौक से गांधी चौक तक रैली निकाली गई। सीटू के राष्ट्रीय सचिव कश्मीर ने बताया कि केंद्र सरकार आंगनबाड़ी, मिड-डे मील वर्कर्स, आशा वर्कर्स को भी नियमित तौर पर मानदेय देने में विफल रही है। आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों को ग्रैच्युटी देने के मामले में केंद्र व राज्य सरकार दोनों मौन हैं। आंगनबाड़ी, मिड-डे मील व आशा वर्करों में लगभग एक करोड़ महिलाएं काम कर रही हैं लेकिन केंद्र सरकार उनको पक्का करने, पेंशन आदि की कोई नीति नहीं बना रही है।