विधायक आशीष शर्मा ने अपने चाचा प्रवीण शर्मा के पुंघ खड्ड स्थित क्रशर पर पुलिस की छापेमारी को राजनीतिक दबाव में की गई सरकारी लूटपाट करार दिया है। उन्होंने छापेमारी के कुछ वीडियो भी जारी किए हैं जिसमें अधिकारी क्रशर के कार्यालय के अंदर दिखाई दे रहे हैं। प्रेसवार्ता कर बुधवार को विधायक ने जिला पुलिस के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बिना वारंट के उनके चाचा के क्रशर में पुलिसकर्मी घुसे और सीसीटीवी की हार्ड डिस्क को जबरन चुराया गया, जबकि सीसीटीवी में कोई पासवार्ड नहीं था इसे मौके पर देखा जा सकता था। सत्ता की शह में पुलिस ने लूटपाट को अंजाम दिया है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों के न्यायलय के कटघरे में खड़ा कर निजी संपति के ट्रेस पासिंग करने पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। विधायक ने कहा कि इस बारे में उनके चाचा हिमाचल पुलिस के डीजीपी को शिकायत दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह नर सेवा और नारायण सेवा के ध्येय से राजनीति में उतरे हैं। इस तरह के झूठे केस और कार्रवाई से संविधान से लोगों का भरोसा उठता है। क्रशर में दो केयर टेकर मौजूद थे लेकिन घंटों तक उन्हें डराया और धमकाया गया। सीसीटीवी में पुलिस कर्मी कैंटीन में सोए हुए दिख रहे हैं। यहां पर एएसपी हमीरपुर राजेश कुमार ने मौजूद केयर टेकर को अवैध खनन का झूठा बयान लिखकर हस्ताक्षर के लिए मजबूर किया, लेकिन जब कर्मी ने हस्ताक्षर नहीं किए तो उन्होंने बौखलाहट में सीसीटीवी की हार्डडिस्क को चोरी कर लिया। जिन मशीनरी को जब्त किए जाने की बात की जा रही है उनमें से अधिकतर खराब है। क्रशर के परिसर में मशीनरी को रखा जाता है। वर्दी का रौब दिखाकर यहां पर कर्मचारियों को धमकाने वाले अफसरों को अदालत में जबाव देना होगा। निजी संपति में ट्रेस पासिंग के अपराध के सुबूत को मिटाने के लिए हार्ड डिस्क भी चुराई गई है। बेहतर होगा कि यह अधिकारी कानून के दायरे में रह कर कार्य करें। यह कार्रवाई उनकी छवि को धूमिल करने के लिए षडयंत्र के तहत राजनीति से प्रेरित होकर की गई है। अपने पद का दुरुपयोग कर जिस तरह से एएसपी ने एक झूठी एफआईआर उनके परिवार सदस्य के ऊपर दर्ज करवाई है। उसके खिलाफ लिखित में शिकायत दी है। अगर पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती है तो अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।