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Hamirpur: उपायुक्त एवं जिला हमीरपुर की प्रधान जनगणना अधिकारी गंधर्वा राठौड़ बोलीं- जनगणना के दौरान हो डाटा का सही एकत्रीकरण एवं एंट्री

जनगणना-2027 के कार्य को सुचारू रूप से पूर्ण करवाने और अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए सोमवार को हमीर भवन में फील्ड ट्रेनरों की कार्यशाला शुरू हुई। कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त एवं जिला हमीरपुर की प्रधान जनगणना अधिकारी गंधर्वा राठौड़ ने किया। उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 का कार्य एक बहुत ही महत्वपूर्ण एक्सरसाइज है और इसमें फील्ड स्तर पर सही डाटा एकत्रीकरण एवं एंट्री सबसे जरूरी है। क्योंकि, इसी डाटा के आधार पर ही भविष्य की योजनाएं तैयार की जाती हैं। भारत की यह 16वीं जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। इसके लिए तीन डिजिटल प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं। लोग स्वयं भी सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल यानि स्व-प्रगणना पोर्टल पर ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। जिला हमीरपुर देश के सबसे साक्षर एवं जागरुक जिलों में से एक है और अगर फील्ड स्तर पर आम लोगों को जनगणना के बारे में जागरुक किया जाए तो यह कार्य काफी आसान हो सकता है। इसलिए, सभी अधिकारी जन जागरुकता पर विशेष रूप से फोकस करें। उन्होंने सभी मास्टर ट्रेनरों और फील्ड ट्रेनरों से कहा कि वे इस कार्यशाला के बाद अपने-अपने क्षेत्रों में सुपरवाइजरों और प्रगणकों को प्रशिक्षित करें तथा उनकी हर शंका या समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। जनगणना के पहले चरण में सभी मकानों एवं अन्य भवनों की लिस्टिंग की जा रही है। जिला में इसकी प्रगति काफी संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि कई जिलावासियों के मकान या अन्य परिसंपत्तियां एक से अधिक स्थानों पर हैं। इनकी गणना में विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। एक व्यक्ति की गणना एक ही स्थान पर होनी चाहिए, ताकि जनसंख्या का सही आंकड़ा सामने आ सके। कार्यशाला के पहले दिन मास्टर ट्रेनर एवं बमसन की खंड विकास अधिकारी वैशाली शर्मा और दूसरे मास्टर ट्रेनर रमेश कुमार ने जनगणना से संबंधित अधिनियम एवं नियमों तथा फील्ड ट्रेनरों की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

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