हमीरपुर जिले में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत होता जा रहा है। बदलती जीवनशैली, बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं और कोरोना महामारी के बाद स्वास्थ्य के प्रति बढ़ी जागरूकता का असर आयुर्वेदिक संस्थानों में आने वाले मरीजों की संख्या पर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले छह वर्षों में जिले के आयुर्वेदिक संस्थानों की ओपीडी में 1,15,730 मरीजों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में जिले के आयुर्वेदिक अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में 2,19,717 मरीजों ने उपचार लिया था। वर्ष 2021 में यह संख्या बढ़कर 2,26,609 हो गई। इसके बाद 2022 में 3,01,750 मरीजों ने आयुर्वेदिक सेवाओं का लाभ उठाया। वर्ष 2023 में ओपीडी मरीजों की संख्या 3,61,265 तक पहुंच गई, जो पिछले छह वर्षों का सबसे अधिक आंकड़ा रहा। हालांकि इसके बाद मरीजों की संख्या में मामूली गिरावट दर्ज की गई। वर्ष 2024 में 3,39,343 और वर्ष 2025 में 3,35,447 मरीजों ने आयुर्वेदिक संस्थानों में उपचार कराया। वहीं वर्ष 2026 में अब तक 1,66,829 मरीज इलाज के लिए पहुंच चुके हैं। वर्तमान में जिले में लगभग 78 आयुर्वेदिक अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। आयुष विभाग इन संस्थानों में सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आयुर्वेदिक उपचार अपेक्षाकृत किफायती होने के साथ-साथ दुष्प्रभाव रहित माना जाता है। उनका मानना है कि भले ही इस पद्धति में रोग से राहत मिलने में कुछ समय लगे, लेकिन लंबे समय तक लाभ मिलने के कारण लोग इसकी ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। जिला आयुष अधिकारी तनुजा नागपाल ने बताया कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में विभिन्न प्रकार की बीमारियों के उपचार की सुविधा उपलब्ध है। लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और यही कारण है कि अधिक से अधिक मरीज आयुर्वेदिक संस्थानों का रुख कर रहे हैं।