मुख्यमंत्री सुक्खू बौखला गए है। वह पंचायत और नगर निकाय में मिली हार से घबरा गए है। प्रदेश सरकार ने सोई सरकार को जगाया जिसके चलते अब वह अनाप-शनाप बयानबाजी पर उतर आए हैं। हमीरपुर की जनता भली भांति जानती है लेकिन प्रदेश की जनता को वह बताना चाहते हैं कि आचार संहिता लगने वाले दिन महज वीसी के जरिये कुछ भी कहने से मेडिकल कॉलेज नहीं बनते। हमीरपुर के गांधी चौक पर केंद्र की भाजपा सरकार के 12 साल पूरा होने के लिए आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने यह बातें कही। रविवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से मेडिकल कॉलेज में विजिट के दौरान दिए गए बयान पर सांसद अनुराग ठाकुर ने यह बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने सांसद अनुराग ठाकुर पर मेडिकल कॉलेज निर्माण का झूठा श्रेय लेने के आरोप लगाए थे। जवाब में सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह महज घोषणा करने की बात नहीं है। वर्ष 2014 में जब तत्तकालीन स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद आए थे हमीरपुर के लिए मेडिकल कॉलेज की घोषणा नहीं हुई। मोदी सरकार सत्ता में आई तो यहां पर मेडिकल कॉलेज को मंजूरी दिलवाई। 189 करोड़ केंद्र सरकार से मंजूर हुए। अपने हिस्से का 90 फीसदी केंद्र सरकार ने समय से दिए लेकिन प्रदेश सरकार अपने हिस्से का बजट समय पर नहीं दे सकी। प्रदेश में 2017 कांग्रेस सरकार सत्ता में थी लेकिन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर और एम्स बिलासपुर के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करवाई गई। उन्होंने कहा कि वह निरीक्षण के लिए मेडिकल कॉलेज में पहुंचे और दिशा की बैठक में इस मसले को उठाया। यदि उनकी विजिट मेडिकल कॉलेज में नहीं आते तो शायद मुख्यमंत्री का हमीरपुर दौरा न होता और न ही वह मेडिकल कॉलेज में पहुंचते। हमने सरकार को नींद से जगाया गया है। दो साल से भवन मिट्टी हो रहा है। दो साल से आखिर फर्नीचर क्यों नहीं खरीदा गया। 2018 से 2026 तक मेडिकल कॉलेज को अपना भवन नहीं मिल सका। क्या यह प्रदेश की प्राथमिकता में नहीं है।