सावन के महीने में भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जप करना बहुत ही असरदार होता है। सावन के महीने में महामृत्युंजय मंत्र का जप करने के ढेरों फायदे होते हैं। मान्यता है कि सावन का महीना शिवजी को सबसे प्रिय है और इस महीने में महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से भगवान शिव जल्द प्रसन्न होते हैं और आपकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। यह बात समताना स्थित शिव मंदिर के गुरु शेखर सुमन ने मंदिर में आए श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए कही। सुमन ने कहा कि अगर आपके घर में कोई गंभीर रूप से बीमार पड़ा है और उस बीमारी से उसके मरने की आशंका आपको सता रही है, तो आप अपने घर में महामृत्युंजय मंत्र का जप करवा सकते हैं। अगर आप स्वयं नहीं कर सकते हैं, तो किसी सिद्ध ब्राह्मण या फिर पुरोहित से इस मंत्र का जप करवा सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस मंत्र में इतनी ताकत होती है कि यह गंभीर से गंभीर रोग को सही कर सकता है और रोगी को मौत के मुंह से बाहर निकाल सकता है। शेखर सुमन ने कहा कि शिवपुराण में बताया गया है कि महामृत्युंजय मंत्र में अकाल मृत्यु को भी टालने की क्षमता होती है। अगर किसी के हाथ की रेखाओं में अकाल मृत्यु का योग है तो उसे रोजाना महामृत्युंजय मंत्र का जप करना चाहिए, यह मंत्र आपकी रक्षा करेगा। अगर किसी की कुंडली में गंभीर बीमारी से मरने या फिर किसी दुर्घटना से मरने के योग हैं, तो महामृत्युंजय मंत्र के जप से आप उस पर भी जीत हासिल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सावन में लोग प्रतिदिन मंदिर में पहुंच कर भगवान शिव का आशीर्वाद ले रहे हैं। वहीं, चल रहे हवन-यज्ञ में भी आहूतियां डाल कर पुण्य की प्राप्ति कर रहे हैं।