अमेरिका में बसे हमीरपुर शहर निवासी इंजीनियर नितिन वर्मा जरूरतमंदों को सहारा बन रहे हैं। अमेरिका से वह हमीरपुर में शिक्षा की लौ जला रहे हैं। बीते तीन वर्षों से वह गरीब बच्चों होनहार बच्चों को स्कॉलरशिप प्रदान कर रहे है। अमेरिका में बसने के बावजूद भी वह अपने प्रदेश और जिले के लोगों के लिए तत्पर है। यही वजह है कि हर वर्ष वह एक बच्चे को स्कॉलरशिप प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने इसे निर्मल स्कॉलरशिप नाम दिया है। लंबे समय से अमेरिका में बसने के बावजूद वह अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं। नितिन वर्मा ने तकनीकी क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त कर अमेरिका में वर्षों पहले नौकरी शुरू की। वह लगातार अपने घर भी हमीपुर आते रहते हैं। तीन वर्ष पहले उन्होंने एक निजी स्कूल से स्कॉलरशिप योजना को शुरू किया। अब वह सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की विशेष योजना चलाते हैं। इस योजना के तहत चयनित छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और अपने सपनों को साकार कर सकें। वह न सिर्फ आर्थिक तौर पर बच्चों की मदद कर रहे हैं बल्कि स्वदेश लौटने पर स्थानीय स्कूलों, अध्यापकों, अभिभावकों और छात्रों के साथ संवाद भी करते हैं। करियर मार्गदर्शन, तकनीकी जानकारी और वैश्विक अवसरों की जानकारी भी छात्रों तक पहुंचाते हैं। आधुनिक तकनीकों, डिजिटल लर्निंग और व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों पर वे ऑनलाइन सत्रों के माध्यम से भी बच्चों को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि कोई बच्चा आर्थिक तंगी के चलते शिक्षा से वंचित न रहे यही उनका प्रयास है।