बिलासपुर में चल रही बिजली महापंचायत में राज्य विद्युत बोर्ड के कर्मचारी और पेंशनर सरकार और बोर्ड प्रबंधन पर जमकर के गरजे। महापंचायत में बोर्ड के कर्मचारियों, पेंशनरों के मुद्दों सहित विमल नेगी की मौत का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। संघर्ष समिति के सह संयोजक हीरा लाल वर्मा ने कहा कि युक्तिकरण के नाम कर्मचारियों को तंग किया जा रहा है। आज बोर्ड की कर्मचारियों की संख्या मात्र 13 हजार रह गई है और बोर्ड प्रबंधन कह रहा रहा कि बोर्ड में कर्मचारी ज्यादा हैं। आज बोर्ड की वित्तीय की हालत ठीक नहीं है। 1000 करोड़ रुपये बोर्ड को सरकार की ओर से देना है। यदि यह रकम को सरकार नहीं देती तो बोर्ड की सभी वित्तीय समस्याएं समाप्त हो जाएंगी। आज बिजली बोर्ड का 50 हजार लोगों का परिवार है और कठिन दौर से गुजर रहे है। उन्होंने बोर्ड के कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन देने की मांग की। आउटसोर्स के कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने व आउटसोर्स की भर्ती बंद करने की मांग रखी। आगामी सभी नियमित भर्तियां करने व पेंशनरों के वित्तीय लाभ दिए जाए। उन्होंने बताया कि इस मांगों को लेकर जल्द ही जिला स्तर भी पंचायतें की जाएंगी। इनके अलावा अन्य कर्मचारी नेताओं ने भी संबोधित किया।