पंचायत साहनवीं में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा व्यास गोपाल शर्मा सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि सुदामा भगवान कृष्ण के अनन्य मित्र थे। उन्होंने भिक्षा मांगकर अपने परिवार का पालन पोषण किया। अत्यंत गरीबी के बाद भी उन्होंने हमेशा सदमार्ग और कर्तव्य परायणता के मार्ग का अनुशीलन किया। सुदामा चरित्र हमें जीवन में आई कठिनाइयों का सामना करने की सीख देता है। सुदामा ने भगवान के पास होते हुए अपने लिए कुछ नहीं मांगा। अर्थात निस्वार्थ समर्पण ही असली मित्रता है। इस दौरान काफी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।