भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) हाल ही में डीजल, पेट्रोल व रसोई गैस की कीमतों में की गई वृद्धि का विरोध करती है। इसके चलते गुरुवार को देश भर में भारत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया है और उपायुक्त के माध्यम से भारत सरकार को एक ज्ञापन सौंपा है। गौर रहे कि देश में पेट्रोलियम पदार्थों का विदेशों से आयात किया जाता है। वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें न्यूनतम स्तर हैं, पंरतु हमारे देश में कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। राज्य इकाई अध्यक्ष जोगिंद्र कुमार ने बताया कि भारत से जिन देशों को तेल का निर्यात किया जाता है। जैसे कि नेपाल, भूटान जैसे देशों में पेट्रोल के दाम 50 से 60 रुपए लीटर हैं। जबकि भारत में पैट्रोल-डीजल के दाम कम होने की बजाए बढ़ते जा रहे हैं। इसके अलावा रसोई गैस के दाम भी 50 रुपए तक बढ़ा दिए गए हैं। इसके चलते गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों को रसोई गैस भरवाना मुश्किल हो रहा है। मार्क्सवादी पार्टी मांग करती है कि पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाए गए भारी भरकम टैक्स कम किए जाएं और इन्हें भी जीएसटी के दायरे में लाया जाए, ताकि लोगों को महंगाई से कुछ हद तक राहत मिल सके।