मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को जोलसप्पड़ में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने कैंपस में क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास करने के साथ यहां पर व्यवस्थाओं को जांचा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह मेडिकल कॉलेज यूपीए सरकार की देन है। मौजूदा कांग्रेस सरकार ने इसके लिए प्रदेश सरकार के हिस्से का बजट उपलब्ध करवाया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से दिए बयान पर पलटवार किया है। सीएम ने कहा कि सांसद अनुराग ठाकुर को इस कॉलेज के निर्माण का झूठा श्रेय नहीं लेना चाहिए। 20 वर्ष से वह सांसद हैं, ऐसे में उन्हें झूठ न बोलकर सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए। वर्ष 2014 में तत्कालीन न प्रधानमंत्री की ओर से यह मंजूरी दी गई थी। उस वक्त 189 करोड़ केंद्र से मंजूर किए गए थे जबकि अब 500 करोड़ के करीब लागत आई है। 189 करोड़ के अलावा जितना भी बजट यहां पर खर्च हुआ है वह मौजूदा कांग्रेस सरकार ने दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 5 से 10 जुलाई के बीच मेडिकल कॉलेज को जोलसप्पड़ कैंपस में शिफ्ट कर दिया जाएगा। एम्स दिल्ली की तर्ज पर यहां पर स्थापित की जाएगी। रोबोटिक सर्जरी भी यहां पर की जाएगी। वर्ल्ड क्लास लैब की सुविधा प्रदेश के पांचों मेडिकल कॉलेज में दी जाएगी। 150 करोड़ इसके लिए अनुमोदित किया गया है। प्रदेश सरकार के खजाने से यह पैसा दिया गया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा जाइका से तीन हजार करोड़ रुपये देने का बयान कर रहे हैं लेकिन उन्हें भी पूरी जानकारी रखनी चाहिए कि जाइका का अनुबंध ही अभी तक नहीं है। वह देश के स्वास्थ्य मंत्री हैं उन्हें जानकारी रखनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के ओपीएस पर दिए गए बयान पर सीएम सुक्खू ने कहा कि भाजपा ओपीएस को बंद करेगी। भाजपा और विपक्ष के नेता के पास ओपीएस को लेकर कोई जवाब नहीं है। प्रदेश सरकार की स्थिति जैसे और बेहतर होगी तो अन्य कर्मचारियों के लिए भी ओपीएस लागू किए जाने की योजना पर कार्य होगा। जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव में देरी को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बयान पर सीएम सुक्खू ने कहा कि जयराम ठाकुर पता नहीं किस नींद में हैं। प्रदेश में भाजपा की सरकार के दौरान भी आठ से नौ जिला परिषद में भाजपा काबिज थी लेकिन विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को जनादेश मिला। कांग्रेस आम लोगों की सरकार है। यह भाजपा की सरकार नहीं है जोकि 12 साल पूरा होने पर मनरेगा, फौज की भर्ती को बंद करने का कार्य कर आगे बढ़ी है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बयान पर कहा कि ऐसा कभी नहीं होता कि केंद्र सरकार से बिना हिसाब के कोई बजट जारी होता है। टाइड व्यवस्था के तहत बजट केंद्र से मिलता है। इसमें कुछ नया नहीं है।