सदर विधायक आशीष शर्मा ने हमीरपुर के बाल और कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों की बहाली तथा सह-शिक्षा व्यवस्था दोबारा लागू करने के सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए इसे जनता और भाजपा के लगातार संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना पर्याप्त तैयारी और जनभावनाओं को समझे दोनों विद्यालयों के विलय का निर्णय लिया था। इसके विरोध में छात्र, अभिभावक, शिक्षक और भाजपा लगातार आवाज उठाते रहे। आखिरकार सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा। शुक्रवार को मीडिया को दिए बयान में आशीष शर्मा ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि पहले गलत फैसला लेकर लोगों को परेशान किया गया और अब उसी फैसले को वापस लेने पर कांग्रेस नेता गले में हार पहनकर जश्न मना रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार पहले स्कूल बंद करती है और फिर बहाल कर अपनी ही पीठ थपथपाने लगती है। यह उपलब्धि नहीं, बल्कि सरकार की नाकामी का प्रमाण है। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि सरकार के बड़े नेताओं को बताना चाहिए कि उन्होंने हमीरपुर के लिए ऐसा कौन-सा नया संस्थान, परियोजना या विकास कार्य दिया है, जिससे जिले के लोगों को सीधा लाभ मिला हो। केवल बयान देने और श्रेय लेने से विकास नहीं होता, जनता ठोस काम देखना चाहती है।