हमीरपुर जिले के विकासनगर में राज्य का पहला विज्ञान समर्पित शिक्षण संस्थान के निर्माण के लिए 573 पेड़ कटेंगे। इन पेड़ों को काटने की एवज में वन विभाग को उपलब्ध करवाया जाने वाला बजट कैंपा के तहत कॉलेज प्रबंधन को सरकार से जारी हो गया है। संस्थान के निर्माण के लिए 2.9950 हेक्टेयर वन भूमि को उच्च शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। वन भूमि हस्तांतरण के लिए वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के प्रथम चरण की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। अब दूसरे चरण की प्रक्रिया के तहत कैंपा फंड जमा कराया जाना था। इसके लिए हमीरपुर कॉलेज प्रबंधन ने सरकार से राशि जारी करने का अनुरोध किया था। सरकार ने कैंपा फंड के तहत 2.2 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। यह राशि संबंधित एजेंसी के माध्यम से जमा कराई जाएगी। इसके बाद केंद्र सरकार से एफसीए के दूसरे चरण की मंजूरी प्राप्त की जाएगी। प्रस्तावित भूमि पर 573 पेड़ चिन्हित हैं, जिनके एवज में कैंपा फंड जमा करना अनिवार्य है। दूसरे चरण की स्वीकृति मिलने के बाद भूमि उच्च शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित कर दी जाएगी, जिसके बाद विज्ञान समर्पित कॉलेज के निर्माण कार्य का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा। यह संस्थान प्रदेश में विज्ञान शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे हमीरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हमीरपुर कॉलेज प्रधानाचार्य सतीश सोनी ने कहा कि राज्य का पहला विज्ञान समर्पित शिक्षण संस्थान बनाने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। कैंपा फंड के तहत सरकार ने धन राशि जारी कर दिए हैं।