हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन कार्यवाही शुरू होने से पहले माहौल राजनीतिक गर्माहट से भर गया। भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए विधायकों ने प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए जमकर नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने किया। उनके साथ मौजूद भाजपा विधायकों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि सरकार द्वारा विधायक क्षेत्र विकास निधि को रोकना जनहित के खिलाफ है और इससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं।
भाजपा विधायकों का आरोप है कि मौजूदा सरकार राजनीतिक द्वेषवश यह निधि जारी नहीं कर रही है, जबकि इस राशि का उपयोग प्रत्येक विधायक अपने क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे आधारभूत विकास कार्यों के लिए करते हैं। विधायकों का कहना है कि निधि न मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य रुक गए हैं और आम जनता को इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है। विरोध कर रहे विधायकों ने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विधायक निधि जल्द जारी नहीं की गई, तो विरोध और तेज किया जाएगा तथा वे सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह संघर्ष जारी रखेंगे।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य किसी दल या क्षेत्र का मोहताज नहीं होने चाहिए। विधायक निधि रोककर सरकार जनता के हितों की अनदेखी कर रही है। उनका कहना था कि यह निधि विधायक की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं, बल्कि जनता की भलाई के लिए दी जाने वाली राशि है, जिसे रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
भाजपा विधायकों ने सरकार से मांग की कि बिना किसी भेदभाव के सभी को निधि तुरंत जारी की जाए, ताकि अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूर्ण किया जा सके और जनता के बीच सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश जा सके।