सांसद हर्ष महाजन की ओर से कांग्रेस और हिमाचल प्रदेश सरकार को लेकर दिए जा रहे बयानों पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने पलटवार किया है। उन्होंने हर्ष महाजन के आरोपों को निराधार और तथ्यों से परे बताते हुए राजनीति में भाषा की मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दी। पठानिया ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनाने और गिराने का फैसला भाजपा नहीं, बल्कि हिमाचल की जनता करेगी। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सभी को जनादेश का सम्मान करना चाहिए। पठानिया ने कहा कि कांग्रेस के 20 साल तक सत्ता में नहीं आने जैसे बयान देना हर्ष महाजन की राजनीतिक सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हर्ष महाजन को राजनीतिक पहचान कांग्रेस ने ही दी है। उन्होंने चेतन्य शर्मा और भुट्टो प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक घटनाक्रमों के बावजूद सरकार गिराने के प्रयास सफल नहीं होंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से हिमाचल के हितों से जुड़े मुद्दे केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का भी उल्लेख किया। एनएचपीसी से प्रदेश को मिलने वाली राशि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जहां करीब 150 करोड़ रुपये मिलने की बात कही जा रही है, वहीं एनएचपीसी की विभिन्न परियोजनाओं से केंद्र को 1,600 से 2,000 करोड़ रुपये तक राजस्व मिलने का दावा है। पठानिया ने मांग की कि हिमाचल प्रदेश को उसके अधिकारों के अनुरूप हिस्सा दिया जाए और बैरास्यूल बिजली परियोजना चंबा को सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिलने वाली सहायता कोई खैरात नहीं, बल्कि प्रदेश का अधिकार है। राज्य सरकार हिमाचल के हितों और जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है। हर्ष महाजन पर निशाना साधते हुए पठानिया ने कहा कि भटियात क्षेत्र के विकास और टनल परियोजनाओं को लेकर तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए। चंबा-चुवाड़ी जोत टनल का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि इसके निर्माण को अन्य टनलों से पहले करवाने के लिए मुख्यमंत्री स्तर पर बैठक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि परियोजना को बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) आधार पर आगे बढ़ाने की योजना है। पठानिया ने दोहराया कि राज्य सरकार हिमाचल के हितों की रक्षा और जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी। इस मौके पर सदर विधायक नीरज नैयर और एपीएमसी चेयरमैन ललित ठाकुर भी मौजूद रहे।