पूर्व विधायक व हिमाचल सभा के अध्यक्ष कृष्ण कुमार कौशल ने कहा कि जिस बैंक स्थापना हिमाचल में किसानों को राहत देने के लिए की गई थी, वह आज किसानों की की जमीन कुर्क कर रहा है। यह गरीब किसानों के साथ अन्याय है। बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (एआरडीबी) की स्थापना इसलिए हुई थी कि प्रदेश में किसानों की स्थिति में सुधार हो सके। किसानों को उनकी बेहतरी के लिए यह बैंक ऋण देकर उन्हें सशक्त कर सके। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी विडंबना है कि एक तरफ तो देश के पूंजीपतियों का लाखों करोड़ों का ऋण माफ किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर गरीब किसान जो किसी मजबूरी में ऋण की अदायगी नहीं कर पा रहे हैं उनकी जमीन कुर्क की जा रही हैं। विधवाओं तक को इसमें कोई राहत नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि बैंक ही जमीन कुर्क करने लग जाएगा तो प्रदेश के किसान जमीन रहित हो जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग उठाई कि इस किसान विरोधी अभियान को रोका जाए और एकमुश्त बंदोबस्त लाकर किसानों को राहत दी जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी इस बारे में कह चुके हैं कि किसानों की समृद्धि के लिए बेहतर कदम उठाए जांएगे। अब समय आ गया है कि किसानों के हितों के लिए यह कदम उठाया जाए।