पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता राजेंद्र गर्ग ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के हालिया घुमारवीं दौरे को निराशाजनक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के दौरे में घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के लिए कोई बड़ा नया कार्य घोषित नहीं हुआ। गर्ग के अनुसार, भाजपा सरकार के समय शुरू किए गए कार्यों को ही नए रूप में पेश कर सरकार ने उपलब्धियां गिनाने का प्रयास किया। गर्ग ने कहा कि भराड़ी तहसील की बहाली को छोड़कर घुमारवीं के लिए ऐसा कोई नया कार्य नहीं मिला, जिससे क्षेत्र के लोगों को उम्मीद के मुताबिक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि भराड़ी तहसील भाजपा सरकार के समय शुरू की गई थी, लेकिन कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद इसे डी-नोटिफाई कर दिया गया। अब जनता और भाजपा के दबाव के बाद इसे दोबारा बहाल किया गया है। पूर्व मंत्री ने भराड़ी और घुमारवीं की जनता को तहसील की बहाली पर बधाई दी। साथ ही उन्होंने हटवाड़ और पन्याला के पीएचसी व सीएचसी में 10-10 बिस्तरों की सुविधा दोबारा बहाल करने की मांग की। उनके अनुसार, ये सुविधाएं भाजपा सरकार के समय दी गई थीं, लेकिन बाद में बंद कर दी गईं। गर्ग ने कपाड़ा में पीडब्ल्यूडी सब डिवीजन, आईपीएच और पीडब्ल्यूडी के सेक्शन तथा भगेड़ में आईपीएच और पीडब्ल्यूडी के सेक्शन बहाल करने की भी मांग उठाई। गर्ग ने कहा कि भाजपा सरकार के समय तिउन खास और ढलोह-पन्याला में एक-एक पशु औषधालय स्वीकृत किया गया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इन्हें भी डी-नोटिफाई कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि तड़ौन क्षेत्र में पशु औषधालय की जरूरत है तो तिउन और ढलोह-पन्याला के लोगों की जरूरतों को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है। पूर्व मंत्री ने मंत्री राजेश धर्माणी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि तड़ौन में पशु औषधालय की मांग उठाने के पीछे उनके मित्र के डेयरी फार्म को लाभ पहुंचाने का उद्देश्य है। गर्ग ने स्पष्ट किया कि यह उनका आरोप है। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के दूसरे हिस्सों की जरूरतों को नजरअंदाज कर किसी एक क्षेत्र को प्राथमिकता देना उचित नहीं है।