भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक जमवाल ने चेस्टर हिल विवाद को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक अराजकता अपने चरम पर है और मुख्यमंत्री कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मुख्य सचिव स्तर तक के अधिकारियों के बीच खुलेआम आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि सरकार के भीतर समन्वय पूरी तरह खत्म हो गया है और शासन व्यवस्था बेलगाम हो चुकी है। जमवाल ने कहा कि चेस्टर हिल प्रकरण ने कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में नियमों और कानूनों की खुलेआम अनदेखी की गई और सत्ता के संरक्षण में फैसले लिए गए। जब सरकार के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी ही एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हों, तो यह साफ संकेत है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहली बार ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है, जहां अधिकारी एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक रूप से खड़े हो गए हैं। यह केवल व्यक्तिगत मतभेद नहीं, बल्कि सरकार की विफल नीतियों और नेतृत्व की कमजोरी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करती है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।