हिमाचल प्रदेश में जनगणना के लिए टेक्निकल असिस्टेंट पदों पर चल रही नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली के आरोप लगे हैं। जिला बिलासपुर में जनगणना के लिए नियुक्त होने वाले 10 टेक्निकल असिस्टेंट पदों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि साक्षात्कार के बाद जारी पहली सूची में जिन अभ्यर्थियों के नाम शामिल थे, उन्हें बाद में जारी दूसरी सूची से हटा दिया गया। इसको लेकर उन्होंने प्रदेश सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। बिलासपुर विश्रामगृह में आयोजित पत्रकारवार्ता में बलबीर सिंह और मीना देवी ने बताया कि टेक्निकल असिस्टेंट पद के लिए कंपनी की ओर से 9 अप्रैल को साक्षात्कार लिए गए थे। इसके बाद 18 अप्रैल को 10 टेक्निकल असिस्टेंट की जारी सूची में उनका नाम पहला स्थान पर था, जबकि मीना देवी का नाम सातवें स्थान पर था। उन्होंने आरोप लगाया कि 16 जून को कंपनी की ओर से जारी दूसरी सूची में दोनों के नाम हटा दिए गए। नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव को लेकर उन्हें संदेह है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि दूसरी सूची में ऐसे लोगों के नाम है, जो उस दिन साक्षात्कार में मौजूद ही नहीं थे। प्रदेश सरकार से मांग की है कि साक्षात्कार के दौरान कंपनी की ओर से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराई जाएं ताकि पूरी प्रक्रिया की सच्चाई सामने आ सके। उनका आरोप है कि शिमला में कोडरूट्ज कंपनी, समर हिल टेक्नोलॉजी खलीनी की ओर से ली गई इस भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर सदर थाना बिलासपुर में शिकायत दर्ज करवाकर कंपनी के खिलाफ एफ आईआर दर्ज करने की मांग की है। जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल बने रहेंगे।