बिलासपुर जिले में अब जन समस्याओं का हल और योजनाओं की निगरानी हर सोमवार तय समय पर होगी। उपायुक्त राहुल कुमार ने मंडे रिव्यू मीटिंग की औपचारिक शुरुआत की। उन्होंने अधिकारियों से दो टूक कह दिया कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। हर काम पर संबंधित विभाग की जवाबदेही तय होगी। राहुल कुमार ने कहा कि अब हर सोमवार सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। इसमें जन शिकायतों की स्थिति, योजनाओं का क्रियान्वयन, ई-गवर्नेंस सिस्टम और अधिकारियों की फील्ड गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। कहा कि इस पहल का उद्देश्य जनसेवा को तेज, पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना है। बैठक में उपायुक्त ने ई-समाधान पोर्टल, ई-ऑफिस प्रणाली, और मुख्यमंत्री सेवा संकल्प 1100 हेल्पलाइन की समीक्षा की। निर्देश दिए कि सभी विभाग एक सप्ताह के भीतर ई-ऑफिस प्रणाली में कार्य करना शुरू करें। खासकर 100 दिन से ज्यादा पुरानी शिकायतों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए। अब हर सोमवार शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर योजनाओं की जमीनी हकीकत खुद जांचें। उपमंडल अधिकारियों को आदेश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधीनस्थ अधिकारियों को नियमित रूप से दौरे पर भेजें। उपायुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि जो नागरिक अपनी शिकायत लेकर उपायुक्त कार्यालय आता है, उसकी बात को टालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। संबंधित अधिकारी को उस पर तत्काल कार्रवाई करनी होगी और समाधान होने तक नियमित रिपोर्ट देनी होगी। यदि समाधान में देरी या लापरवाही पाई गई, तो अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि कोई उपमंडल अधिकारी अपने क्षेत्र में अगर कोई नवाचार करना चाहता है, तो उसे पूरी स्वतंत्रता दी जाएगी। जिला प्रशासन ऐसे प्रयासों को हरसंभव सहयोग देगा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर को गुड गवर्नेंस का आदर्श मॉडल बनाना है। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर, सहायक आयुक्त नरेंद्र अहलूवालिया, सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी तथा उपमंडल अधिकारी वर्चुअल और प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए। राजस्व मामलों पर भी खास ध्यान राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों को जल्द निपटाएं। उपायुक्त ने कहा कि न्याय में देरी, न्याय करने में इनकार के बराबर है इस सिद्धांत पर काम होना चाहिए।