ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल रुक्मणी कुंड में बैसाखी पर्व के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने विधिवत रूप से किया। इस अवसर पर उन्होंने माता रुक्मणी की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं मंत्री ने महिलाओं को त्याग को भी नमन किया। मंत्री ने कहा कि रूकमणी कुंड मेला केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के त्याग, समर्पण और बलिदान की प्रेरणादायक परंपराओं को भी जीवंत करता है। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के योगदान का सम्मान करना और उनके प्रति संवेदनशील एवं समान दृष्टिकोण अपनाना आज की आवश्यकता है। कहा कि इतिहास में महिलाओं ने समाज और मानवता के लिए अनेक बार सर्वोच्च बलिदान दिए हैं, जिन्हें स्मरण कर समाज में समानता और सम्मान की भावना को मजबूत किया जाना चाहिए। धर्माणी ने रुक्मणी कुंड क्षेत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह स्थल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था में भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने सामुदायिक भवन, स्नानागार एवं अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों के संरक्षण और बेहतर रखरखाव पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्थानीय प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन परिसंपत्तियों का संचालन पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए।