बरठीं के टिहरी कलस्टर में अनार की फसल लहलहा रही है। एचपी शिवा परियोजना के तहत लगभग 100 बीघा में स्थापित इस बगीचे में अनार की फसल पककर तैयार हो चुकी है। लाभार्थी किसान अब इसे बाजार भेजने की तैयारी में जुट गए हैं। साल 2021 में फ्रंट लाइन डेमोस्ट्रेशन के तौर पर टीहरी-एक और टीहरी-दो में लगभग 2 हेक्टेयर क्षेत्र में अनार के पौधों का रोपण किया गया, जिसे साल 2022 में बढ़ाकर 8 हेक्टेयर (लगभग 100 बीघा) भूमि में 44 बागवानों को जोड़ते हुए कलस्टर के तौर पर विकसित किया गया है। इस कलस्टर में भगवा प्रजाति के लगभग 8900 अनार के पौधे रोपित किए गए। भगवा प्रजाति का यह अनार लगभग बिना बीज का होता है, जिसे बच्चे और बुजुर्ग भी आसानी से खा सकते हैं। इसके छिलके पतले होते हैं और इसमें रस की मात्रा अधिक होती है। यह अनार स्वाद में भी अत्यंत उत्तम है। इस साल 60 मीट्रिक टन अनार उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।