मानसून की शुरुआती बारिश ने झंडूता क्षेत्र की सड़क व्यवस्था की पोल खोल दी है। लगातार हुई बारिश के बाद कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर सड़कें पानी से भर गईं और आवागमन प्रभावित हुआ। सबसे अधिक असर घुमारवीं-शाहतलाई मुख्य मार्ग और पनौल-झंडूता सड़क पर देखने को मिला। कई स्थानों पर बारिश का पानी सड़क पर बहता रहा, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। सड़क पर बढ़ी फिसलन के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलभराव और फिसलन के कारण लोगों को बेहद सावधानी के साथ सफर करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बरसात के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि नालियों की समय पर सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी सीधे सड़कों पर जमा हो जाता है। उनका कहना है कि संबंधित विभाग यदि मानसून से पहले आवश्यक तैयारियां कर ले तो ऐसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है। बारिश के बाद बनी इस स्थिति ने क्षेत्र की सड़क और ड्रेनेज व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जलभराव वाले स्थानों का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि बरसात के मौसम में आम लोगों को बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े।