बरमाणा पंचायत के लघट गांव में नशे के खिलाफ संघर्ष कर रही महिलाओं पर दर्ज एफआईआर ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, पुलिस की कार्यप्रणाली और सरकार की नीयत पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। चिट्टा (हेरोइन) तस्करी के खिलाफ आवाज उठा रही ग्रामीण महिलाओं के समर्थन में भाजपा खुलकर सामने आ गई है, जबकि सरकार और पुलिस प्रशासन कठघरे में खड़े नजर आ रहे हैं। बिलासपुर परिधि गृह में भाजपा विधायक त्रिलोक जमवाल ने प्रैस वार्ता की। कहा कि यदि महिलाओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर तुरंत रद्द नहीं की गई,एफआईआर करवाने वाले नेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया, जिम्मेदार पुलिस अधिकारी को निलंबित नहीं किया गया और नशे के खिलाफ खड़ी महिलाओं को सम्मानित नहीं किया गया,तो 30 दिसंबर को सदर भाजपा बड़े स्तर पर धरना देगी। कहा कि यदि इसके बाद भी सरकार नहीं जागी, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।