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Bilaspur: मार्च-अप्रैल में जिले की 4 हजार किशोरियों को लगेगा एचपीवी टीका

महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग मार्च और अप्रैल माह में जिले भर में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत लगभग चार हजार पात्र किशोरियों को टीका लगाया जाएगा। अभियान को लेकर उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई। उपायुक्त ने बताया कि यह टीकाकरण विशेष रूप से 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों के लिए होगा। अभियान अवधि के दौरान आयु सीमा में 15 वर्ष तथा अतिरिक्त 90 दिन तक की छूट दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को कवर किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिले में अनुमानित लक्ष्य के अनुसार करीब चार हजार किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से पात्र किशोरियों की सूची तैयार कर सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी लाभार्थी छूटने न पाए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला या प्रदेश के बाहर से आने वाली पात्र किशोरियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) का कैंसर महिलाओं में होने वाली गंभीर बीमारियों में से एक है, जिसका प्रमुख कारण एचपीवी संक्रमण है। यह संक्रमण प्रजनन तंत्र का सबसे सामान्य वायरल संक्रमण माना जाता है। अधिकांश मामलों में संक्रमण अपने-आप समाप्त हो जाता है, लेकिन लंबे समय तक रहने पर कैंसर का रूप ले सकता है। बताया कि एचपीवी वायरस के 200 से अधिक प्रकार हैं, जिनमें से 17 प्रकार कैंसर पैदा करने वाले माने जाते हैं। विशेष रूप से एचपीवी-16 और एचपीवी-18 विश्व स्तर पर लगभग 77 प्रतिशत और भारत में करीब 83 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर मामलों के लिए जिम्मेदार हैं। एचपीवी टीका इन्हीं उच्च जोखिम वाले प्रकारों से सुरक्षा प्रदान करता है और समय पर टीकाकरण तथा नियमित स्क्रीनिंग से इस बीमारी के खतरे को काफी कम किया जा सकता है। अभियान के दौरान एएनएम और एलएचवी नर्सें वैक्सीनेटर की भूमिका निभाएंगी, जबकि आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लिंक मोबिलाइजर के रूप में घर-घर संपर्क कर लाभार्थियों को जागरूक करेंगी। स्वास्थ्य संस्थानों का स्टाफ सत्यापन करेगा और महिला आरोग्य समिति, जन आरोग्य समिति सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी स्वयंसेवक के रूप में सहयोग देंगे। उपायुक्त ने कहा कि टीकाकरण केवल कोल्ड-चेन युक्त सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ही किया जाएगा, जिससे टीके की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित रहे। किशोरियों का पंजीकरण युविन पोर्टल पर दो तरीकों से किया जा सकेगा। अभिभावक स्वयं सिटीजन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं, जबकि ऑन-साइट पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, जिसमें स्वास्थ्य कार्यकर्ता टीकाकरण स्थल पर ही सहमति पत्र के आधार पर पंजीकरण करेंगे। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिदत्त शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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