खैरियां गांव में बन रही भानुपल्ली-बैरी रेल लाइन की टनल नंबर-10 के कारण लोगों के घरों में दरारें आ रही हैं, साथ ही लोगों के पानी के स्त्रोत भी खराब हो रहे हैं। प्रभावित ग्रामीणों ने गुरुवार को उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग रखी कि प्रशासनिक और कंपनी के अधिकारी ग्रामीणों की प्रभावित जमीन का निरीक्षण कर उन्हें राहत प्रदान करें। इस मौके पर सीटू नेता लखनपाल भी मौजूद रहे। उपायुक्त को दिए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा भानुपल्ली-रेल लाइन का निर्माण जारी है। इसमें विभिन्न कंपनियां सुरंग निर्माण कार्य में जुटी हुई हैं। गांव के नीचे से टनल नंबर-10 का निर्माण कार्य भी चल रहा है। इस सुरंग के निर्माण में कंपनी की ओर से ब्लास्टिंग और बड़ी ब्रेकर मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस कारण जमीन के ऊपर घरों में भारी कंपन होता है। इसकी रेंज में आने वाले सभी मकान, पशुशालाएं, और पानी के स्रोतों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। इस रेंज में करीब 150 बीघा जमीन जो सारी सिंचित हैं,बर्बाद हो रही है। इसके लिए पहले भी सरकार को अवगत करवाया गया है। ग्रामीणों ने आग्रह किया कि प्रशासनिक और कंपनी अधिकारियों द्वारा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण ग्रामीणें के समक्ष किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिले। इस मौके पर जमना देवी, जीतो देवी, गुरदयाल सिंह, सुच्चा सिंह, हरदेव, घनश्याम, सुखविंदर, बलदेव, अर्जुन सिंह, धनीराम, धर्मपाल, रामचंद्र और सुरेंद्रा देवी, बलवंत सिंह, कमला देवी, मनीष, निर्मला देवी और सुमन देवी मौजूद रही।