बिलासपुर जिले में दो दिन से मौसम साफ है, लेकिन दुश्वारियां बरकरार हैं। भूस्खलन होने से अभी भी 24 सड़कें बंद हैं। बीती रात भी एक पक्का घर, दो रसोई घर, एक गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीण सडक़ें बंद होने से लोगों को जिला मुख्यालय और उपमंडल मुख्यालयों में पहुंचने के लिए काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। पुराना चंडीगढ़-मनाली हाईवे पिछले पांच दिन से बंद हैं। इस मार्ग के पंजपीरी के पास हालात यह है कि पैदल चलने तक का रास्ता नहीं बचा है। पंजपीरी के पास पहाड़ी से बहुत बड़े-बड़े पत्थर और मलबा सड़क पर आ गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुराने नेशनल हाईवे को जल्द खोला जाए, ताकि स्वारघाट आने जाने वाले नौकरीपेशा और स्कूल, आईटीआई के विद्यार्थियों को दिक्कत न हो। इसके अलावा थापना-तलाई वाया मरोत्तन मार्ग भी बंद है, जिससे कोटधार क्षेत्र की 14 पंचायतों के लोगों को मुख्यालय पहुंचने के लिए वाया झंडूता लंबा सफर तया करना पड़ रहा है।