यमुनानगर-जगाधरी स्टेट हाइवे पर सरोजनी कॉलोनी के पास बनी झुग्गी-झोपड़ियों को आज नगर निगम ने हटाने की कार्रवाई की। पिछले करीब दस वर्षों से सड़क किनारे रहने वाले इन परिवारों का कहना है कि उनके पास न कोई पक्का मकान है और न ही स्थायी निवास की सुविधा। ऐसे में वे मुश्किल परिस्थितियों में अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रहे थे। झुग्गी में रहने वाली सीमा ने बताया कि जिला प्रशासन पहले भी यहां आया था और उनके कहने पर परिवारों ने अपनी झोंपड़ियां लगभग 20 फुट पीछे हटा भी दी थीं। “लेकिन आज बिना किसी पूर्व सूचना के हमारी झोपड़ियां तोड़ दी गईं और घरेलू सामान भी उठाकर ले गए,” सीमा ने आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से दो दिन का समय मांगा था ताकि वे नया ठिकाना ढूंढ सकें, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। परिवारों का कहना है कि जहां सरकार गरीबों को आवास देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन उन्हें उजाड़ रहा है। दूसरी ओर नगर निगम प्रशासन का कहना है कि ये झुग्गी-झोपड़ियां स्टेट हाइवे पर अवैध रूप से बनाई गई थीं। कई बार हटाने के निर्देश देने के बावजूद भी कब्जा नहीं छोड़ा गया। निगम अधिकारियों के अनुसार अवैध कब्जा हटाने और स्वच्छता अभियान के तहत कार्रवाई की गई है। उनका यह भी दावा है कि सड़क किनारे बनी झोपड़ियों के कारण कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी थीं।