यमुनानगर के अहड़वाला गांव स्थित गोगामेड़ी मंदिर में चोरी करने वाले दो युवकों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। ग्रामीणों ने दोनों युवकों से मंदिर परिसर में सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई। इस दौरान युवक जमीन पर नाक रगड़ते हुए गोगा महाराज की मूर्ति तक पहुंचे और हाथ जोड़कर अपनी गलती स्वीकार की। दोनों ने कहा कि उनसे गलती हो गई और भविष्य में वे कभी ऐसी हरकत नहीं करेंगे। जानकारी के अनुसार, पहली चोरी 18 मई की दोपहर को हुई थी। गांव निवासी सुरेंद्र ने बताया कि उस समय मंदिर में कोई मौजूद नहीं था। आरोपी मंदिर में घुसे और वहां रखी गुल्लकों को तोड़कर करीब 50 हजार रुपये की नकदी चोरी कर फरार हो गए। शाम को श्रद्धालुओं के पहुंचने पर चोरी का पता चला। ग्रामीण मौके पर जुटे और जांच शुरू की गई। जब मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए तो वे बंद मिले। इसके चलते आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी। घटना के बाद ग्रामीणों ने मंदिर में लगे कैमरों को ठीक करवाया। चूंकि रात के समय मंदिर में कोई नहीं रुकता था, इसलिए आरोपियों ने दोबारा चोरी की योजना बना ली। मंगलवार रात करीब दो बजे दोनों युवक दीवार फांदकर मंदिर परिसर में दाखिल हुए और फिर से गुल्लकों को तोड़कर नकदी चोरी कर ली। आरोपी करीब आधे घंटे तक मंदिर परिसर में रहे। इस बार सीसीटीवी कैमरे चालू थे और पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई। बुधवार सुबह श्रद्धालुओं ने दोबारा टूटी गुल्लक देखी तो ग्रामीणों ने फुटेज खंगाली। वीडियो में दो युवक चोरी करते साफ दिखाई दिए। ग्रामीणों ने उनकी पहचान मिलक खास और अराइयांवाला गांव निवासी युवकों के रूप में की। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों को पकड़कर गोगामेड़ी में लाया। यहां युवकों ने ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के सामने चोरी की बात कबूल कर ली। माफी मांगने के दौरान दोनों युवक करीब 10 मीटर तक जमीन पर नाक रगड़ते हुए आगे बढ़े। हालांकि ग्रामीणों ने पुलिस में शिकायत देने के बजाय दोनों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।