गणेश उत्सव के लिए कारीगर तैयार हैं। आयुष कश्यप, रव्या, जेठालाल, श्रवण आदि ने बताया कि शनि मंदिर के पास कई सालों से मूर्ति बनाने का काम कर रहे हैं। गणेश उत्सव के लिए मूर्तियां बनाने का काम जोरों पर है और करीब 50 कारीगर अलग-अलग स्थानों पर मूर्ति बनाने का काम कर रहे हैं। कारीगर विभिन्न आकारों और डिजाइनों में मूर्तियां तैयार कर रहे हैं, और बाजार में भी रौनक है। गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा, और इस उत्सव की तैयारियां पूरे देश में शुरू हो चुकी हैं। हरियाणा में भी, कारीगर आयुष कश्यप गणेश की मूर्तियां बनाने में व्यस्त हैं। मिट्टी, प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी), और अन्य सामग्रियों से मूर्तियां बनाई जा रही हैं। कारीगरों का कहना है कि वे विभिन्न आकारों और डिजाइनों में मूर्तियां बना रहे हैं जिनकी कीमत 151 रुपये से लेकर 15,000 रुपये या उससे अधिक तक की हैं. कुछ कारीगर पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियां भी बना रहे हैं, जो मिट्टी से बनी हैं और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाती हैं। गणेश चतुर्थी के लिए मूर्तियों की मांग पूरे जिले से आ रही है, और कारीगरों को ऑर्डर पूरे करने के लिए दिन रात काम करना पड़ रहा है। मूर्तियों को बनाने में समय और मेहनत लगती है, लेकिन कारीगरों को अपने काम से प्यार है और वे इस उत्सव को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कारीगरों ने कहा कि रोजाना 40 से 50 लोग विभिन्न प्रकार की मूर्ति बनाने का ऑर्डर दे रहे है और इस बार गणेश की लाल बादशाह वाली मूर्ति की डिमांड ज्यादा है।