तहसील परिसर में सीवरेज ब्लॉक होने से वहां पर मौजूद दुकानदार, कंप्यूटर ऑपरेटर, टाइपिस्ट व आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि यहां पर बैठे टाइपिस्ट और कंप्यूटर ऑपरेटर मुंह पर कपड़ा बांधकर काम करने को मजबूर हैं। शौचालय के पास आने जाने वाले लोग भी मुंह पर कपड़ा बांधकर निकल रहे हैं। वहां पर मौजूद मनोज कुमार,राम रत्न, दिनेश कुमार, विशाल, जगदेव, संजीव, शिव कुमार, पूनम, ब्रिजलाल आदि ने बताया कि यहां पर जब से बैठे हैं जीना दूभर हो गया है, दिन भर बदबू होने से मुंह पर कपड़ा बांध कर कार्य करना पड़ रहा है जबकि कई बार अधिकारियों को भी समस्या के बारे में अवगत करा चुके हैं लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया। जिला प्रशासन शहर की सुध तो ले रहा है, लेकिन जहां पूरे प्रशासन के कार्यालय बने हुए हैं, वहीं करीब तीन महीने से सीवरेज ओवरफ्लो है। सचिवालय में सभी विभागों के अधिकारियों के कार्यालय बने हुए हैं और सुबह-शाम अधिकारियों का यहीं से आना-जाना होता है। किसी भी अधिकारी का ध्यान ओवरफ्लो सीवर पर नहीं जा रहा है। सीवर का पानी सचिवालय परिसर में इतना फैल चुका है कि लोग पैदल यहां से नहीं निकल सकते। ओवरफ्लो के कारण सीवर के पास गंदे पानी का तालाब बन गया है। सचिवालय में रोजाना सैकड़ों लोग अपने काम करवाने के लिए आते हैं। ऐसे में लोग भी अंदाजा लगा सकते हैं कि जब जिला प्रशासन अपनी ही समस्या का समाधान नहीं करवा सकता तो उनकी समस्या का क्या समाधान करवाएगा। एक महीने से सीवर ओवरफ्लो रहता है,लेकिन कोई भी प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।