जिले में प्राइवेट स्कूलों द्वारा वसूले जा रहे फीस, वर्दी, किताबों और अन्य शुल्क के खिलाफ अभिभावकों का आक्रोश बुधवार को सड़कों पर नजर आया। बड़ी संख्या में अभिभावक डीसी कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूल मनमानी कर रहे हैं और उन्हें एक ही दुकान से किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। इसके अलावा हर साल बिना ठोस कारण के किताबों में बदलाव कर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि एमआरपी के नाम पर एकाधिकार बनाकर उनकी जेब पर अतिरिक्त भार डाला जा रहा है। अभिभावक प्रतिनिधि अंकुश बक्शी ने कहा कि यह एक जनहित का मुद्दा है, जिससे जिले के हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि आम जनता की समस्या के समाधान के लिए किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि इस पूरे मामले की जांच कर निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाई जाए और अभिभावकों को राहत दिलाई जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी इस मुद्दे में सहयोग देने और समाधान की दिशा में कदम उठाने की अपील की गई। अभिभावकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।