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यमुनानगर में मांगों की अनदेखी पर भड़का रोष, हरियाणा दमकल कर्मचारियों की हड़ताल 10 मई तक बढ़ी

हरियाणा अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल लगातार तेज होती जा रही है। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के समर्थन और विभागीय यूनियन के आह्वान पर चल रही यह हड़ताल मंगलवार को 28वें दिन में पहुंच गई, जबकि भूख हड़ताल का आज 9वां दिन रहा। कर्मचारियों ने सरकार पर उनकी जायज मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए आंदोलन को 5 दिन और बढ़ाकर 10 मई तक जारी रखने का ऐलान किया है। मंगलवार को आयोजित धरने की अध्यक्षता उप प्रधान विरेंद्र धीमान ने की, जबकि संचालन सचिव रिंकू कुमार ने किया। इस दौरान विक्रम सिंह, सुभाष चंद, पंकज कुमार, रिंकू कुमार और अंकित को फूलमाला पहनाकर भूख हड़ताल पर बैठाया गया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। यूनियन के राज्य महासचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि सरकार अब तक कर्मचारियों के साथ किसी भी ठोस बातचीत के लिए आगे नहीं आई है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का रवैया कर्मचारी और मजदूर विरोधी है, जबकि दमकल कर्मचारी हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा करते हैं। यूनियन नेताओं ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले कर्मचारियों को शहीद का दर्जा देना, उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना शामिल है। इसके अलावा पे-रोल और कौशल निगम के कर्मचारियों को फायर ऑपरेटर पदों पर समायोजित कर नियमित करने, तथा ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी में राहत देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 7 वर्षों से कर्मचारियों के वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि कार्य अत्यंत जोखिमपूर्ण है। विभाग में संसाधनों की कमी का जिक्र करते हुए बताया गया कि ड्राइवरों की कमी के कारण करीब 70 फायर गाड़ियां बेकार खड़ी हैं, जिससे आपात स्थिति में समय पर राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। यूनियन ने हाल ही में यमुनानगर में हुई एक आग की घटना का हवाला देते हुए कहा कि समय पर बचाव कार्य न होने से एक युवती की जान चली गई। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह जल्द वार्ता कर समाधान निकाले, अन्यथा आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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