सिविल अस्पताल में एक चिकित्सक द्वारा महिला मरीज को निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर का नाम लेकर जांच कराने की सलाह देने के मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गंभीरता से लिया है। आयोग के विशेष निगरानीकर्ता बाल कृष्ण गोयल ने अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मामले की जानकारी मिलने पर संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण लेने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से होते हैं, इसलिए किसी विशेष निजी सेंटर पर जांच कराने की सलाह देना उचित नहीं है। शुक्रवार को सिविल अस्पताल के निरीक्षण के दौरान बाल कृष्ण गोयल ने ओपीडी में मौजूद मरीजों से बातचीत की। एक महिला मरीज ने बताया कि चिकित्सक की सलाह पर उसने एक निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर में एक हजार रुपये देकर जांच कराई, जबकि बाद में उसे पता चला कि यही जांच अन्य निजी केंद्रों पर करीब 600 रुपये में उपलब्ध थी। इस पर गोयल ने कहा कि पूरे मामले की जांच कर संबंधित पक्ष से जवाब तलब किया जाएगा।