हरियाणा के यमुनानगर जिले में लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। बीते कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है, जो कृषि के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। जिले में इस समय धान, गन्ना, सब्जियां और चारा फसलें प्रमुख रूप से खेतों में खड़ी हैं। अत्यधिक बारिश के कारण धान की फसल में गिरावट और सड़न का खतरा बढ़ गया है, वहीं सब्जियों की फसल पर कीट और फंगल रोगों का प्रकोप होने की संभावना जताई जा रही है। गन्ने की फसल में भी जलभराव से जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे उत्पादन प्रभावित होगा। बारिश का असर केवल फसलों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण इलाकों में कई रास्ते कीचड़ से भर गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। कुछ क्षेत्रों में खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है, वहीं वैष्णव क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाके भी बारिश के कारण वीरान नजर आ रहे हैं। किसान खेतों में जाने से बच रहे हैं क्योंकि पानी भरा होने से काम करना संभव नहीं हो पा रहा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश लंबे समय तक जारी रही तो फसलों में पैदावार घट सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे जल निकासी की उचित व्यवस्था करें और फसलों में रोगों की निगरानी रखें। मौसम विभाग ने भी किसानों को सतर्क रहने और ताजा मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है। कुल मिलाकर, यमुनानगर में बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का कारण बन गई है। आने वाले दिनों का मौसम फसलों के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।