भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष संजू गुदियाना की अगुवाई में जिले के किसानों का एक जत्था दिल्ली के लिए रवाना हुआ। रवाना होने से पहले किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ट्रेड डील वापस लेने की मांग उठाई। दर्जनों किसान विभिन्न वाहनों में सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना हुए, जहां किसान घाट पर आयोजित महापंचायत में शामिल होने का कार्यक्रम है। जिला अध्यक्ष संजू गुदियाना ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील किसानों के हित में नहीं है। उनका आरोप है कि यदि यह समझौता लागू होता है तो विदेशी कृषि उत्पादों के आयात का रास्ता आसान होगा, जिससे देश के किसानों की फसलों को उचित मूल्य मिलना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के हितों की अनदेखी कर कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहिए। यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में होने वाली महापंचायत को रोकने के लिए सरकार किसान नेताओं पर कार्रवाई कर रही है। उनका कहना है कि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी समेत कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया है, जिसके विरोध में किसान एकजुट होकर दिल्ली पहुंच रहे हैं। एक दिन पहले मिल्क माजरा टोल प्लाजा पर लगाया था जाम रविवार को भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे स्थित मिल्क माजरा टोल प्लाजा पर गुरनाम सिंह चढ़ूनी और अन्य किसान नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में जाम लगाया था। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने महापंचायत को रोकने के उद्देश्य से किसान नेताओं को गिरफ्तार किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सभी किसान नेताओं को रिहा नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज का भी विरोध जताया। उनका कहना था कि युवा लंबे समय से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। किसान नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और सरकार को संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करना चाहिए।