महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में सियासत तेज हो गई है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी कड़ी में यमुनानगर में कांग्रेस नेताओं ने प्रेस वार्ता कर भाजपा पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण के समर्थन में रही है, जबकि केंद्र सरकार इसके क्रियान्वयन में देरी कर रही है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस शहरी जिला प्रधान देवेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही महिला आरक्षण बिल की पक्षधर रही है और संसद में भी इसका खुलकर समर्थन करती रही है। उन्होंने बताया कि सितंबर 2023 में जब केंद्र सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आई, तब कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने इसका समर्थन किया था। यह बिल लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में सर्वसम्मति से पारित हुआ था। देवेंद्र सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अब जनता को यह कहकर भ्रमित किया जा रहा है कि कांग्रेस और विपक्ष इस बिल के खिलाफ हैं, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को सरकार ने इस कानून को नोटिफाई तो कर दिया, लेकिन इसे लागू करने की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा द्वारा यह प्रचार किया जा रहा है कि महिला आरक्षण बिल लोकसभा में गिर गया, जबकि वास्तव में जो प्रस्ताव गिरा वह परिसीमन से संबंधित था, न कि महिला आरक्षण से। भाजपा महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन का मुद्दा लेकर आई, जिसे संसद में समर्थन नहीं मिला। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत है। देवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने इस कानून को लागू करने के लिए अनावश्यक शर्तें जोड़ दी हैं। उन्होंने कहा कि पहले जनगणना और फिर परिसीमन की शर्त लगाकर सरकार इस महत्वपूर्ण कानून को टालने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस की मांग है कि महिला आरक्षण को मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।