हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी उफान पर आ गई है। जिले में तीस गांव यमुना नदी के किनारे आते हैं। पानी खेतों में घुस गया है। अब गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। हालांकि राहत एवं बचाव कार्य को लेकर प्रशासन सक्रिय है। आपदा नियंत्रण के लिए एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें भी बुलाई गई हैं। 3 लाख 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी में बहाव बेहद तेज हो गया है। गन्नौर क्षेत्र के गांव बेगा, पबनेरा में दूर-दूर तक सिर्फ यमुना ही दिख रही है। यही हाल मुरथल क्षेत्र के गांवों का है । खेतों में पानी घुस गया है। किसानों की फसलें पहले ही तबाह हो गईं थीं,अब घरौंदों पर खतरा मंडरा रहा है। हालात को देखते हुए सरकारी तंत्र बचाव कार्य में जुट गया है। ऊंचाई के गांवों में राहत केंद्र बनाए गए हैं। अब तक 50 राहत केंद्र प्रशासन सक्रिय कर चुका है। उधर बारिश ने भी मुसीबत बढ़ा दी है। गन्नौर से लेकर दिल्ली बार्डर जिले के तीस गांव यमुना नदी के किनारे आते हैं। जिस तरह से यमुना का रौद्र रूप दिख रहा है। उससे शहर में भी पानी आने की आशंका है।