सर्दी का सितम बढ़ने लगा है। सोनीपत के गांव सरगथल में नहर किनारे लगे स्वचालित मौसम केंद्र (एडब्ल्यूएस) पर न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड 0.7 डिग्री दर्ज किया गया। शीतलहर के असर के चलते लोग कांपने को मजबूर है। सुबह से खिली धूप भी लोगों को ज्यादा राहत नहीं दे पा रही है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उत्तर-पश्चिमी हवा चल रही है। जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का असर अब मैदानी क्षेत्र में दिखने लगा है। मैदानी क्षेत्र में अब शीतलहर चल रही है। जिसके असर के कारण वीरवार को ठंड का असर दिखाई दिया। गांव सरगथल के पास नहर किनारे लगे एडब्ल्यूएस पर न्यूनतम तापमान महज 0.7 डिग्री सेल्सियस रहा। एक दिन पहले यह 1.5 पर था। हवा की गति कम होने से वायु गुणवत्ता सूचकांक में थोड़ी वृद्धि हुई है। एक्यूआई सुबह 121 दर्ज किया गया। एक दिन पहले से 102 दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने अनुसार अभी ठंड का प्रकोप बना रहेगा। शीतलहर का सितम सहना पड़ेगा। ऐसे में ठिठुरती ठंड से राहत मिलने की उम्मीद अभी कम है। मौसम विभाग ने पास दिन शीतलहर का यलो अलर्ट भी जारी कर रखा है। मौसम के मिजाज का असर बेशक जनजीवन पर पड़ने लगा है, लेकिन किसानों को काफी राहत मिली है। तापमान में कमी के कारण गेहूं की फसल की बढ़वार बेहतर हो सकेगी। साथ ही अन्य फसलों को भी फायदा होगा। लगातार धूप निकलने से किसान खाद का छिड़काव, दवाइयों का स्प्रे भी कर सकते है।