सोनीपत। बुजुर्गों को अकेलेपन का अहसास न हो और वह सामाजिक जीवन से जुड़े रहें, इसके लिए वृद्ध आश्रमों और वरिष्ठ नागरिक क्लबों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। बुजुर्गों ने अकेलेपन से बचाने और उन्हें सक्रिय बनाए रखने के लिए वृद्ध आश्रमों तथा वरिष्ठ नागरिक क्लबों की सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है। बुजुर्गों का कहना है कि ऐसे केंद्र विकसित किए जाएं, जहां वे नियमित रूप से मिल-बैठ सकें और स्वास्थ्य व सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहें। वरिष्ठ नागरिक दिवस के उपलक्ष्य में अमर उजाला की ओर से सेक्टर-15 कम्युनिटी सेंटर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में बुजुर्गों ने अपनी समस्याएं और मांगें सामने रखीं। ग्रुप ऑफ सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान लाजपत मुखी ने कहा कि बढ़ती उम्र में स्वास्थ्य सबसे बड़ी चिंता बन जाता है। बुजुर्गों को घर के नजदीक ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित योगाभ्यास के लिए योग शिक्षक नियुक्त किए जाएं, ताकि बुजुर्ग स्वस्थ दिनचर्या अपना सकें। अखिल भारतीय साहित्य परिषद हरियाणा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. पूर्णमल गौड़ ने कहा कि बुजुर्गों की जरूरतें केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं। उन्हें सम्मानजनक और सक्रिय जीवन के लिए सामाजिक जुड़ाव, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित सार्वजनिक स्थान भी उपलब्ध कराने होंगे। रेल किराये में फिर मिले वरिष्ठ नागरिकों को छूट सतीश डेंबला ने रेल यात्रा में वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली रियायत बहाल करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि कोरोना काल से पहले की तरह रेल टिकट में बुजुर्गों को किराये में छूट मिलनी चाहिए। इससे वह अपने रिश्तेदारों के अलावा धार्मिक और सामाजिक स्थलों की यात्रा आसानी से कर सकेंगे। दोबारा शुरू हो प्लाट कोटा वरिष्ठ नागरिक आत्मप्रकाश ने प्रदेश सरकार से वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्लाट कोटा दोबारा शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि करीब तीन दशक पहले तक बुजुर्गों को यह सुविधा मिलती थी। लंबे समय से प्लाट कोटा बहाल करने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रुप ऑफ सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव सतीश विज ने मांग की कि हरियाणा रोडवेज की सामान्य बसों की तर्ज पर एसी बसों में भी वरिष्ठ नागरिकों को किराये में छूट दी जाए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सरकार को मांगपत्र भी सौंपा जा चुका है। 48 हजार से अधिक बुजुर्गों की पेंशन का मुद्दा उठा वरिष्ठ नागरिक ऊषा बत्रा ने पेंशन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आयु सत्यापन के चलते जिले में 48 हजार से अधिक बुजुर्गों की पेंशन रुकी हुई है। बुजुर्ग समाज कल्याण विभाग और चुनाव कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। दस्तावेज अधूरे होने के कारण कई बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि विभाग बुजुर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष सहायता उपलब्ध कराए। संवाद कार्यक्रम में सुरेश चौधरी, सुशील, केएल कपूर, सुरेश रेलन, रमेश, मीनू, सरोजबाला, वनती और मधु भारती समेत अन्य वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहे।