प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आई घटनाओं को लेकर सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बुधवार को को एकजुट हुए और एसडीएम अंजली श्रोत्रिय को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि किसी भी अधिकारी या पुलिस कर्मचारी पर अनावश्यक दबाव न बनाया जाए। सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश में घटित घटनाओं ने लोगों में असंतोष का माहौल पैदा किया है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाए। दोषी व्यक्ति चाहे कोई भी हो, उस पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इंद्रजीत विरमानी ने कहा कि जांच तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए ताकि असली दोषी सामने आ सकें और निर्दोष व्यक्तियों को किसी प्रकार की प्रताडऩा न झेलनी पड़े। सत्य सामने आना चाहिए, दबाव की राजनीति खत्म हो सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना था कि न्याय प्रक्रिया पर कोई राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए ताकि सत्य सामने आ सके। समाज तभी मजबूत बन सकता है जब न्याय में जनता का विश्वास कायम रहे। सरकार से की न्यायोचित कार्रवाई की अपील संगठनों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की कि मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी व्यक्ति विशेष का मामला नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में जनता के भरोसे का प्रश्न है।