स्वास्थ्य विभाग में एंबुलेंस की हालत इतनी खराब हो गई है कि उन्हें रस्सी से खींचकर चलाया जा रहा है। 13 एंबुलेंस ऐसी हैं विभाग के नॉर्म्स (मानक) के अनुसार अपनी आयु पूरी कर चुकी है। नार्म्स के अनुसार 13 एंबुलेंस तीन लाख किलोमीटर चल चुकी या पांच साल पूरे कर चुकी है। लोगों की जान बचाने में सहायक जीवन वाहिनी (एंबुलेंस) खुद बीमार पड़ी है। अक्तूबर 2025 से सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में खड़ी चार एंबुलेंस अब तक धूल फांक रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती व अन्य मरीजों की हालत गंभीर बताकर रेफर करने पर उनकी जान को जोखिम में डाला जा रहा है। आज एंबुलेंस की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि रास्ते में कब खराब हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। कई बार दूसरी एंबुलेंस मंगवाकर मरीजों को भेजा जाता है। इसके चलते अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों व गर्भवती महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।