सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने वीरवार दोपहर बाद कामी रोड स्थित दी सोनीपत सहकारी चीनी मिल के 50वें पेराई सत्र का शुभारंभ किया। उन्होंने किसानों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार की ओर से पुराने गन्ना किसानों को दोबारा चीनी मिलों से जोड़ने के लिए किए गए प्रयास का ही परिणाम है कि चीनी मिलों में 36 लाख क्विंटल गन्ने की बढ़ोतरी हुई है। जिले में गन्ने के उत्पादन में 5 से 7 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी चीनी मिलों को हाईटेक बनाने के लिए भी सरकार प्रयास कर दी है। सरकार ने इस वर्ष गन्ने के भाव में बढ़ोतरी करते हुए अगेती किस्म का भाव 415 रुपये प्रति क्विंटल और पछेती किस्म का भाव 408 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। देश में गन्ने का सबसे ज्यादा रेट हरियाणा के किसानों को दिया जा रहा है। मिलों में लागू ऑनलाइन टोकन सिस्टम के कारण किसानों की मिल पहुंच व्यवस्था में 10 से 12 घंटे की कमी आई है। सड़कों का सत्यापन करने के दिए निर्देश सहकारिता मंत्री ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसानों से पूरा गन्ना खरीदा जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिल में गन्ना लाने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। किसान जिस रास्ते से गन्ना लेकर मिल में पहुंचता है उन सभी सडक़ों का सत्यापन करवाएं अगर कहीं भी किसी मरम्मत की जरूरत है तो उसे तुरंत करवाएं। राज्य सहकारी चीनी मिल प्रसंघ के प्रबंध निदेशक कैप्टन शक्ति सिंह कहा कि मिल में गन्ना लाने वाले किसानों को हर सुविधा दी जा रही है। इस दौरान मिल के प्रबंध निदेशक संजय कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त अमित धनखड़, गन्नौर मार्केट कमेटी के चेयरमैन निशांत छोक्कर, सुनीता लोहचब, नीरज आत्रेय भी मौजूद रहे। किसानों को किया सम्मानित सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने गत सीजन 2024-25 के दौरान मिल गेट पर सबसे अधिक 28757 क्विंटल गन्ना आपूर्ति करने वाले किसान महेंद्र सिंह और खरीद केंद्र पर सबसे ज्यादा 9300 क्विंटल गन्ना लेकर आने वाले किसान यूनिस अली को सम्मानित किया। पेराई सत्र के शुभारंभ पर सबसे पहले बुग्गी में गन्ना लाने वाले गांव कुराड़ के किसान जोगिंद्र और ट्रैक्टर-ट्रॉली में सबसे पहले गन्ना लेकर आने वाले गांव बड़ौली के किसान सुरेंद्र को सम्मानित किया।