नशा मुक्त युवा खेलोगे तो खिलोगे ट्रस्ट ने युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए 3 माह तक गांव-गांव, शहर-शहर अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अभियान के दौरान लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके बाद 29 मार्च 2026 को 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन- इंडिया रन 2026 का आयोजन किया जाएगा। मैराथन में विजेता प्रतिभागी को 15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही हर प्रतिभागी को भी पुरस्कृत किया जाएगा। रेलवे रोड स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में मैराथन को लेकर एसीपी अमित धनखड़ के नेतृत्व में ट्रस्ट के पदाधिकारी डॉ. संदीप डांगी, रविंद्र मलिक, एथलीट पूजा खत्री, अमित राठी ने बैठक की। उन्होंने बताया कि मैराथन का उद्देश्य युवाओं को नशे से बचाकर उन्हें खेलों की ओर ले जाना है। एसीपी अमित धनखड़ ने बताया कि ट्रस्ट का प्रयास सराहनीय है। डीजीपी ने भी नशे के खिलाफ बड़ा अभियान चला रखा है। युवाओं से मांग है कि वह नशे से दूर रहकर खेलों में प्रतिभागिता करे। शिक्षा के क्षेत्र में बुलंदियों को छुए। उदाहरण के तौर पर आज छोटे बच्चे भी मोबाइल रूपी नशे से जुड़ रहे हैं। माता-पिता स्वयं मोबाइल के चक्कर में बच्चों को समय नहीं दे रहे हैं। नशे से बर्बाद होती युवा पीढ़ी को पढ़ाई व खेलों से जोड़ना जरूरी है। इसकी शुरुआत अपने घर से ही की जा सकती है। डॉ. संदीप डांगी ने बताया कि ट्रस्ट 6 वर्ष से देशभर में युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने का कार्य कर रहा है। आज सभी देशों में सबसे ज्यादा संख्या युवा वर्ग की है, लेकिन जवानी केवल कागजों तक सीमित रह गई है। ट्रस्ट का उद्देश्य है कि युवा वर्ग अपनी सबसे ज्यादा ऊर्जा को खेलों व शिक्षा में लगाए, नशे जैसी बुराई से दूर रहे, ताकि देश व प्रदेश प्रगति की राह पर अग्रसर रह सके। रविंद्र मलिक ने बताया कि मैराथन की शुरुआत राई चौक से की जाएगी, जो जठेड़ी से होते हुए वापस उसी स्थान पर संपन्न होगी। मैराथन में हरियाणा खेलकूद विश्वविद्यालय, विद्यालय, राई, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के विद्यार्थियों की भी प्रतिभागिता रहेगी। प्रशासन, पुलिस, राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक सभी संगठनों को साथ लेकर यह कार्य किया जाएगा। नशे के कारण ही आज घर, परिवार बर्बाद हो रहे है। इसके खिलाफ खड़े होकर हम सभी सामाजिक बुराइयों को दूर कर सकेंगे। सरकार का भी यही उद्देश्य है कि हर व्यक्ति, युवा को नशे से दूर किया जाए। एथलीट पूजा खत्री ने बताया कि नशे रूपी बुराई को मिटाने में महिलाएं भी अपनी अहम भूमिका निभा सकती हैं। युवाओं के कंधों पर ही देश का भविष्य टिका हुआ है, लेकिन वह नशे की ओर बढ़कर अपने लक्ष्य से भटक रहा है। समाज को नशा मुक्त बनाने में सरकार के साथ समाज की भी सक्रिय सहभागिता जरूरी है।