सोनम वांगचुक के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सोमवार को सोनीपत रेलवे स्टेशन पर उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस और आप नेता विमल किशोर के बीच तीखी नोकझोंक के चलते स्टेशन परिसर कुछ देर के लिए हाई-वोल्टेज ड्रामे का केंद्र बन गया। पुलिस की टीम जैसे ही दिल्ली रवाना होने की तैयारी कर रहे कार्यकर्ताओं को रोकने और डिटेन करने पहुंची, आप नेताओं ने इसका जोरदार विरोध किया। इस दौरान आप नेता विमल किशोर ने -गुंडागर्दी नहीं चलेगी- के नारे लगाए और पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। इस दौरान आप नेता विमल किशोर और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई। विरोध के बीच उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। घटनाक्रम के बीच काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। हंगामे के दौरान रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डिटेन किए जाने की सूचना फैलते ही यात्रियों और कार्यकर्ताओं में हलचल मच गई। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने स्टेशन परिसर और आसपास अतिरिक्त बल तैनात कर दिया। हाई-वोल्टेज घटनाक्रम के बीच आप नेता विमल किशोर पुलिस को चकमा देकर ट्रेन में सवार होने में सफल रहे और दिल्ली के लिए रवाना हो गए। वहीं, जंतर-मंतर कूच में शामिल होने जा रहे कई अन्य प्रदर्शनकारियों को भी रास्ते में ही रोक दिया गया। पुलिस के डिटेन करने की कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बाद में विमल किशोर ने ट्रेन में सवार होने के बाद भी अपना एक वीडियो जारी कर सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। दमनकारी नीति अपनाई जा रही रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रही और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ रखा गया। एआईडीवाईओ के सदस्य दो-चार की संख्या में दिल्ली रवाना हुए। अधिवक्ता अन्नू और भरत का कहना था कि एक साथ चलने पर पुलिस उन्हें डिटेन कर सकती है। ऐसे में वह अलग-अलग दिल्ली जा रहे हैं।