खानपुर कलां में सरकार द्वारा शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य सुविधाएं तो दी हैं, लेकिन गांव के कई सरकारी भवन खुद जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं। हालत यह है कि कई भवन हादसों को न्योता दे रहे हैं, जबकि यहां रोजाना सैकड़ों लोग पहुंचते हैं। गांव स्थित उप तहसील कार्यालय की हालत सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। कार्यालय के मुख्य गेट का लेंटर टूट चुका है और उसकी छत जगह-जगह से क्षतिग्रस्त दिखाई देती है। यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उप तहसील कार्यालय में शौचालय तक की सुविधा नहीं है, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। दूर-दराज से आने वाले लोग घंटों तक काम के लिए बैठते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। भवन परिसर का फर्श भी कई जगह से धंस चुका है और रिकॉर्ड रूम की हालत भी बेहद जर्जर बनी हुई है। खेल सुविधाओं की बात करें तो गांव में राजीव गांधी खेल स्टेडियम और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का खेल स्टेडियम मौजूद हैं, लेकिन दोनों स्टेडियमों के भवन बदहाल हो चुके हैं। खिलाड़ियों के लिए जिम की सुविधा नाम मात्र की है और कुश्ती खिलाड़ियों के लिए मैट तक उपलब्ध नहीं हैं। इसके बावजूद युवा खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए रोजाना पहुंचते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खानपुर कलां के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर गांव और प्रदेश का नाम रोशन किया है, लेकिन नए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए किसी स्थायी कोच की नियुक्ति नहीं की गई। वहीं पशु अस्पताल भी समस्याओं से घिरा हुआ है। अस्पताल भवन ऊंचाई पर बना दिया गया, लेकिन चारों तरफ मिट्टी भराई नहीं होने से बारिश के दिनों में पानी भर जाता है। जलभराव के कारण अस्पताल का फर्श धंस चुका है और भवन को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं के इलाज के लिए आने वाले लोगों को बरसात में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।