भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर बुधवार को शहर में श्रमिकों की मांगों को लेकर जुलूस निकाला गया। प्रदर्शन में लगभग 400 पुरुषों और 140 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन ओडिशा के पुरी में हुए 21वें अखिल भारतीय त्रैवार्षिक अधिवेशन के प्रस्तावों को लागू करवाने के लिए किया गया। जिला सचिव रवि कुमार ने बताया कि न्यूनतम पेंशन 1000 से बढ़ाकर 7500 रूपये प्रतिमाह किया जाए और इसे महंगाई भत्ते से जोड़ा जाए। ईपीएफ अंशदान हेतु वेतन सीमा 30,000 और ईएसआईसी कवरेज सीमा 42,000 रूपये की जाए। संविदा श्रमिकों को स्थायी किया जाए। 5 वर्ष से अधिक सेवा वाले कौशल रोजगार कर्मचारियों को सर्विस एक्ट 2024 का लाभ दिया जाए। मिड-डे मिल वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देकर 'समान काम-समान वेतन' लागू किया जाए। श्रम विभाग की ओर से 8 महीने से बंद किए गए पोर्टल को तुरंत खुलवाया जाए ताकि श्रमिकों को लाभ मिल सके। बोनस भुगतान अधिनियम के तहत गणना सीलिंग बढ़ाई जाए। परिवहन और बिजली विभाग के कर्मचारियों को जोखिम भत्ता और 10 साल से बकाया बोनस दिया जाए। बैंकिंग क्षेत्र में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू हो और ग्रामीण ट्यूबवेल ऑपरेटरों की ड्यूटी केवल 8 घंटे की जाए। वेतन विसंगति दूर की जाए। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आगामी समय में आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा।