अंबाला कैंट में रोडवेज चालक की हत्या किए जाने के विरोध में सिरसा डिपो के कर्मचारियों ने चक्का जाम कर दिया। कर्मचारियों ने रात्रि 12 बजे ही बस स्टैंड के गेट पर धरना दे दिया और बसों को रोक दिया। ऐसे में सुबह काम पर जाने के लिए निकले लोगों व अन्य यात्रियों को इस परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों को दिनभर अन्य बसों व निजी वाहनों के माध्यम से सफर करने को मजबूर होना पड़ा। वहीं, कर्मचारियों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। कर्मचारियों की मांग है हत्यारों को तुरंत काबू कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, मृतक राजवीर के बेटे को नौकरी व परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। सिरसा सांझा मोर्चा व डिपो प्रधान पृथ्वी सिंह चाहर ने बताया कि 12 नवंबर की रात्रि को चालक राजवीर की ड्यूटी अंबाला कैंट में थी। 4-5 असामाजिक तत्वों ने चालक राजवीर की बेरहमी से हत्या कर दी। इसी के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने अंबाला बस स्टैंड में कार्रवाई की मांग को लेकर धरना लगाया था, लेकिन वहां के प्रशासन ने इस मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके विरोध में राज्य कमेटी के आह्वान पर निर्णय लिया गया कि 14 नवंबर की रात्रि से प्रदेशभर में रोडवेज का चक्का जाम रहेगा। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद: कर्मचारियों की हड़ताल व किसी अप्रिय घटना को देखते हुए बस स्टैंड के निकट सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। कोई शरारती तत्व किसी अप्रिय घटना को अंजाम न दे, इसके लिए पुलिस की गाड़िया लगातार गश्त करती रही। हालांकि सिरसा में हड़ताल पूर्णतया शांतिपूर्वक रही।