जरूरतमंदों को अंग देकर जीवनदान के लिए भिवानी के जुई कला निवासी विजेंद्र का परिवार आगे आया है। पीजीआईएम में ट्रामा सेंटर से विजेंद्र के ब्रेन डेड निधन के बाद परिवार जनों ने वीरवार को अंगदान किए हैं। पिता राजवीर ने बताया कि 26 मार्च को लावारिश हालत में बस स्टैंड से बेटा मिला था। इसके बाद उसे पीजीआई में भर्ती करवाया गया लेकिन होश नहीं आया और निधन हो गया। निधन के बाद परिवार जनों ने मन बनाया कि विजेंद्र खुद जीवित नहीं रह सका तो दूसरे के लिए अंग दान किए जाए। वहीं, चिकित्सकों ने बताया कि विजेंद्र की किडनी पीजीआई, जबकि फॉर्टिस हॉस्पिटल नई दिल्ली में हार्ट, गुरुग्राम के आर्टेमिस हॉस्पिटल में लंग्स व एम्स नई दिल्ली में लिवर डोनेट किए गए हैं। विजेंद्र से अंगों को अस्पतालों में भिजवाने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर पुख्ता इंतजार किए गए। रोहतक से दिल्ली और रोहतक से गुरुग्राम में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पुलिस व चिकित्सकों की टीम ने बॉडी पार्ट भेजे।