बीएसबी नहर को पक्का न करने को लेकर शुक्रवार को कैनाल रेस्ट हाउस में सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता दिनेश राठी, कार्यकारी अभियंता अरुण मुंजाल व अन्य अधिकारियों की किसानों के बीच वार्ता हुई। अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, अभी दोपहर 2 बजे तक किसानों के साथ अधिकारियों की वार्ता चल रही है। किसान नेता प्रीत सिंह ने कहा कि क्षेत्र से जेएलएन और बीएसबी दो नहर गुजरती हैं। इस क्षेत्र में जमीनी पानी बिल्कुल खारा व जहरीला है। यह पानी पीना तो दूर, खेती के भी लायक नहीं है। मगर इन दोनों नहरों से होते जल रिचार्ज के कारण ग्रामीण व किसान साथ लगती जमीन पर ट्यूबवेल लगा लेते हैं जिनका थोड़ा मीठा पानी पीने व सिंचाई योग्य है जेएलएन नहर से क्षेत्र के लिए न कोई मोरी है न कोई पानी का कनेक्शन है। इसको विभाग ने 2022 में आरसीसी कंक्रीट से पक्की कर दिया जिससे यहां भू- जल रिचार्ज काफी कम हो गया। फलस्वरूप साथ की निजी जमीन में लगे ट्यूबवेलों का पानी काफी कम हो गया है। किसान नेता सुमित ने कहा कि पुरानी नहर बीएसबी इसी क्षेत्र के लिए ही बनी है। इससे भी विभाग आरसीसी कंक्रीट से पक्का करना चाह रहा है। विभाग ने इस नहर में बने सभी पशु घाट, उतरने चढ़ने की सीढ़ियां तक बंद कर दी। इसको भी आरसीसी कंक्रीट से पक्का किया तो भू - रिचार्ज न होने से सभी ट्यूबवेलों का पानी खत्म हो जाएगा।